पुणे में बाढ़ से हालात खराब- अब तक 17 की मौत, स्कूल-कॉलेजों के साथ-साथ तहसीलों में भी छुट्टी

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पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ आने और दीवार गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को शहर के स्कूलों के साथ-साथ हवेली, भोर, पुरंदर और बारामती तहसीलों में अवकाश घोषित कर दिया। जिला के अधिकारियों ने कहा कि जेजुरी के पास करहा नदी पर बने नजारे बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बारामती तहसील में लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया किया गया। पुलिस ने बताया कि पुणे शहर और जिले के निचले इलाकों में बाढ़ के कारण लगभग 3,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें शहर और बारामती तहसील में तैनात की गई है और प्रभावित क्षेत्र में सभी जरूरी सहायता मुहैया कराई जा रही है। जलजमाव को देखते हुए पुणे की कई तहसील में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल ने कहा कि खेड़-शिवपुर गांव में दरगाह पर सो रहे पांच लोग भारी बारिश में बह गए। वहीं पुरंदर में दो लोगों के लापता होने की खबर है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रशांत रानपिसे ने बताया कि नौ साल के एक लड़के समेत पांच लोगों की बुधवार रात अर्नेश्वर क्षेत्र में दीवार गिरने से मौत हो गई।

दरअसल भारी बारिश के बाद क्षेत्र में पानी भर गया था। उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में साहकर नगर क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव मिला। इस क्षेत्र में पानी भरा हुआ है। वहीं एक व्यक्ति का शव एक कार से मिला, जो सिंहगढ़ मार्ग पर पानी में बह गई थी। बुधवार रात में पुणे में भारी बारिश के बाद करीब 500 से ज्यादा लोगों को पानी भरी जगहों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अग्निशमन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बारिश गुरुवार को रूक गई लेकिन निचले इलाके के कई आवासीय सोसाइटी और घर पानी में डूबे हैं। दीवार गिरने और पेड़ उखड़ने के कई मामले सामने आए हैँ। इसी बीच मुख्यमंत्री फडणवीस ने बाढ़ संबंधित घटनाओं में लोगों की मौत हो जाने पर चिंता व्यक्त की है।

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