हनी ट्रैप: DGP और STF स्पेशल DG का बढ़ा विवाद, IPS एसोसिएशन को लिखा पत्र

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भोपाल: हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे कई लोगों का इसमें लिप्त होने का खुलासा हो रहा है। जिनमें पुलिस अफसर, राजनेताओं और अधिकारियों का खुलासा हो रहा है। वहीं IAS और IPS अफसरों के नाम आने के बाद अब आला पुलिस अफसर आमने-सामने आ गए हैं। मामला गरमाया और शिकायत सीएम और IPS एसोसिएशन तक पहुंच गई है। अब इस मामले पर SIT स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा ने पुलिस महानिदेशक वीके सिंह पर पुलिस विभाग की छवि खराब करने के आरोप लगाते हुए आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र लिखा है।

पत्र में उन्होंने डीजीपी सिंह द्वारा की गई कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। बताया जा रहा है कि दोनों में तकरार की सबसे बड़ी वजह गाजियाबाद में लिया हुआ फ्लैट है। जिसे इसी महीने एसटीएफ के स्पेशल डीजी पुरूषोत्तम शर्मा ने अधिकारियों की सहमति पर लिया था। लेकिन डीजीपी वीके सिंह ने इस फ्लैट को खाली करा लिया। आरोप है कि फ्लैट के तार हनीट्रैप से जुड़े होने की वजह से ये फैसला लिया गया। जबकि इस मामले में एसटीएफ स्पेशल डीजी का कहना है कि फ्लैट लेने के पहले डीजीपी को सूचित किया गया था। अधिकारी ने इस मामले में सीएम से फोन पर बातचीत कर डीजीपी वी के सिंह की शिकायत भी की है।

एसटीएफ स्पेशल डीजी पुरुषोत्तम शर्मा ने आईपीएस एसोसिएशन को पत्र लिखा कर कहा है कि “मुझे अत्यधिक दुख व पीड़ा है कि हमारे संस्कार इतने निचले स्तर तक आ गए। एक सीनियर अधिकारी ने अपने मातहत सीनियर अधिकारी की इज्जत उछाल दी। इस व्यवहार से पूरे विभाग की इज्जत उछाली गई। पत्र में उन्होंने लिखा है मेरा निवेदन है कि डीजीपी वीके सिंह के इस कृत्य की भर्तसना और भविष्य में इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति ना हो, इसकी भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने आगे लिखा कि डीजीपी का बयान न केवल अखबार में छपवाया गया बल्कि पुलिस मुख्यालय और साइबर सेल की हर कमरे में बटवाया गया और व्हाट्सएप पर इसे सर्कुलेट भी किया गया। इतना ही नहीं, डीजीपी ने इसका खंडन तक नहीं किया।

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