आष्टा सनसनीखेज अंधे कत्ल का 48 घंटे मे पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार

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आष्टा :- सनसनीखेज अंधे कत्ल का 48 घंटे मे पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार

अष्टा दिनांक 26/5/19 को फरियादी सुनील पिता रामगोपाल विश्वकर्मा निवासी सीहोर ने रिपोर्ट किया कि मेरी आष्टा मे कन्नोद रोड राजलक्ष्मी प्लायवुड की दुकान है जिस पर मेरा भांजा विपिन पिता मनोहरलाल विश्वकर्मा निवासी मांडली काम करता था जो दिनांक 26/05/19 को दोपहर 02 बजे से अपनी मोण्सा सहित बिना बताये कही चला गया है सुचना पर थाना पर गुम इंसान कायम किया गया।
गुमशुदा नवयुवक होने से तलाश हेतु श्रीमान एसण्एसण्चौहान पुलिस अधीक्षक सीहोर एवं श्रीमान समीर यादव अतिण्पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं श्रीमान मंगल सिहं सीएसपी सीहोर के मार्गदर्शन मे थाना आष्टा की टीम गठित की गई
दौराने तलाश दिनांक 28/05/19 सूचना मिलने पर फरियादी सुनील की दुकान की ऊपरी मंजिल पर बने टावर से गुमशुदा विपिन का शव एक प्लास्टिक की बोरी मे मुंह व हाथ.पैर बंधे पाया गयाए प्रथम दृष्टया हत्या होना प्रतित होने पर हत्या का प्रकरण अज्ञात आरोपी के खिलाफ पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गयाए दौराने विवेचना अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुये फरियादी की दुकान मे काम करने वाले नौकर जितेन्द्र पिता मनोहर सिहं जाति सेंधव उम्र 19 साल निवासी बमुलिया भाटी से पुछताछ की गई जिसने बताया कि दिनांक 26/05/19 को एक लडकी से बातचीत करने की बात को लेकर मृतक विपिन ने उसके साथ मारपीट की थीए इसी आवेश मे आकर दुकान मे रखा पटिया विपिन के सिर मे मार दिया जिससे वह गिर गयाए जिसे मृत मानकर दुकान मे ही रखे टेप से उसका मुंह नाक सहित लपेटकर एवं हाथ.पैर रस्सी से बांधकर विपिन के शव को एक प्लास्टिक की बोरी मे भरकर ऊपरी मंजिल पर बने टावर मे छिपा देना तथा घटना के बाद मृतक विपिन की मोटर सायकिल क्रण् एमपी.37बीए.25330 को सुभाष ग्राउंड नया बस स्टैण्ड पर खडी कर देना तथा मृतक विपिन के मोबाईल को तोडकर बुधवारा रोड पर नाली मे फेकना बताया । घटना मे प्रयुक्त पटियाए मृतक की मोटर सायकिल एवं मोबाईल आरोपी जितेन्द्र की निशादेही से बरामद कर अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया गया ।
उक्त संपूर्ण कार्य मे थाना प्रभारी निरीक्षक कुलदीप खत्री, उनि रामबाबू राठौर,उनि शर्मा सउनि शिवलाल वर्मा एसउनि सुरेश राज, प्रआर 362 हुल्लास चंद वर्मा,प्रआर 143 गुलाबसिहं, आर 739 शैलेन्द्र चंद्रवंशी, आर 131 अमित चौहान,आर 230 शिवराज, आर 102 शैतानसिहं,आरए 379 चंद्रप्रताप, आर 477 अंभुनाथ पांडेय,आर 126 जितेन्द्र चंद्रवंशी का सराहनीय योगदान रहा ।

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