निर्भया के दोषियों ने बढ़ाई तिहाड़ जेल की टेंशन, नहीं है कोई फांसी देने वाला

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नई दिल्ली: हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी को लेकर पूरे देश में काफी रोष और गुस्सा है। हैदराबाद की घटना ने एक बार फिर से निर्भया गैंगरेप के जख्म हरे कर दिए हैं। निर्भया गैंगरेप को सात साल हो गए हैं लेकिन आरोपियों को अभी तक फांसी पर नहीं लटकाया गया है। वहीं बात सामने आई है कि एशिया की सबसे बड़ी जेलों में शुमार तिहाड़ के पास जल्लाद नहीं है, ऐसे में आरोपियों को फांसी कैसे दी जाएगी इस पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

इस मामले में जेल प्रशासन का कहना है कि जब भी किसी दोषी को फांसी की सजा देनी होती है, तब उन जेलों से संपर्क किया जाता है जिनके पास अपने जल्लाद होते हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक एक दिन के लिए जल्लाद को तिहाड़ लाया जाता है और दोषी को फांसी देने के बाद जल्लाद अपनी तैनाती वाली जेल में वापिस लौट जाते हैं। हैदराबाद की घटना के बाद उपजे जनाक्रोश के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आरोपियों को जल्द सजा दिए जाने की मांग कर दी है।

केजरीवाल सरकार ने दया याचिका पर लिखा- ‘माफी नहीं’
निर्भया के दोषी विनय की दया याचिका की फाइल पर दिल्ली सरकार ने ‘माफी नहीं’ लिख कर उपराज्यपाल (एलजी) के पास भेज दी। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले दोषी की फांसी की सजा माफ करने के पक्ष में नहीं है। दिल्ली सरकार की ओर से ‘माफी नहीं’ लिखकर उपराज्यपाल को भेजी गई दया याचिका अब डायरेक्टर दिल्ली के पास गई है और वह इसे भारत सरकार के गृह विभाग को भेजेंगे।

आखिर में दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी, अगर राष्ट्रपति दया याचिका खारिज कर देते हैं तो फिर जेल प्रशासन कोर्ट जाएगा और कोर्ट से डेथ वारंट, जिसे ब्लैक वारंट भी कहते हैं, वह जारी करेगा। कोर्ट से डेथ वारंट जारी होने के बाद दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

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