हांगकांग के पॉलिटेक्निक विश्वविद्यालय परिसर में मिले रासायनिक और पट्रोल बम, पुलिस सतर्क

0
43

हांगकांग। यहां के पॉलिटेक्निक विश्‍वविद्यालय परिसर की सघन तलाशी के दौरान पुलिस को रासायनिक और पट्रोल बम मिले हैं। पुलिस अधिकारियों ने यहां जमा मलबे के बीच कई खतरनाक चीजों को एकत्र किया है। इसके बाद पुलिस और भी सतर्क हो गई है। बता दें कि 1,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने हांगकांग के पॉलिटेक्निक विश्वविद्यालय परिसर को एक युद्ध के मैदान में तब्दील कर दिया था। यहां पुलिस और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर संघर्ष हुआ था। इस परिसर को पुलिस ने 10 दिनों से अधिक समय तक घेराबंदी कर रखा है।

पुलिस ने मंगलवार को अपने एक बयान में कहा कि 26 नवंबर और 2 दिसंबर के बीच 4,296 पेट्रोल बम, 671 बोतल रसायन और 622 हथियार जब्त किए गए। बता दें कि अधिकारियों ने पहली बार 29 नवंबर को पॉलिटेक्निक परिसर में प्रवेश किया था। यहां से उन्होंने हजारों पेट्रोल बम एकत्र किए साथ ही धनुष और तीर और रसायनों की बोतलों को भी एकत्र किया था।

हांगकांग पुलिस इस घटना को लोकतंत्र समर्थकों के घमकी से जोड़कर देख रही है। गत दिनाें हांगकांग पुलिस ने आशंका जाहिर की थी विश्‍वविद्यालय परिसर में पुलिस घेराबंदी के समय लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने आने वाले दिनों में बड़ी रैलियों एवं हड़ताल की कसम खाई थी। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदर्शनकारी नए सिरे से विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। हांगकांग पुलिस ने यह आशंका तब जाहिर की है जब बीजिंग की आपत्तियों के बावजूद अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने बुधवार को हांगकांग में प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने वाले कानून पर हस्‍तक्षार कर चुके हैं।

बता दें कि हांगकांग में एक प्रत्‍यर्पण कानून के विरोधस्‍वरूप शुरू हुआ ये आंदोलन अब काफी व्‍यापक और उग्र भी हो गया है। इस कानून के तहत हांगकांग से अपराधियों को चीन भेजने और वहां पर मुकदमा चलाने का प्रावधान था। इस बिल का प्रारूप तैयार कराने और इसको पास करवाने में दो लोग बेहद अहम थे। इनमें पहला नाम हांगकांग की नेता कैरी लाम का है तो दूसरा नाम उनकी मुख्य कानूनी सलाहकार टेरेसा चेंग का है। लोगों के जबरदस्‍त विरोध के बाद बिल को वापस ले लिया गया है लेकिन यहां के लोगों में गुस्‍सा बरकरार है।

आंदोलनकारियों ने पिछले दिनों कई दुकानों में आग तक लगा दी थी। इसके बाद आंदोलनकारियों और पुलिस में हिंसक झड़पें तक हुई हैं। अभी तक तीन लोग इस आंदोलन की भेंट चढ़ चुके हैं। इनमें दो छात्र और एक बुजुर्ग शामिल है। हांगकांग के मसले पर दनिया इस बात को लेकर चिंतित है कि कहीं चीन की सरकार इस मुद्दे को भी थियानमेन चौक स्‍क्‍वायर मामले की तरह न निपटे। वहीं चीन भी इससे बचने की कोशिश कर रहा है। चीन नहीं चाहता है कि पुराना इतिहास दोहराकर विश्‍वभर में उसकी छवि धूमिल हो।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here