हैदराबाद: एनकाउंटर किंग कहे जाते हैं पुलिस कमिश्नर सज्जनार

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हैदराबादः तेलंगाना में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म एवं हत्या मामले के सभी चारों आरोपी शुक्रवार तड़के यहां शादनगर के चटनपल्ली में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए। गैंगरेप के आरोपियों का इस तरह एनकाउंटर होने पर देशभर में इसकी चर्चा हो रही है और साथ ही छाए हुए हैं साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जानर। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वी.सी.सज्जानर एनकाउंटर मैन के नाम से जाने जाते हैं।

वारंगल केस
वी.सी. सज्जानर ने हैदराबाद में बतौर पुलिस कमिश्नर उन्होंने डेढ़ साल पहले ही कमान संभाली थी। तेलंगाना के वारंगल में जब एक कॉलेज की छात्रा पर तेजाब छिड़का गया था, तब भी वहां पर काफी विवाद हुआ था लेकिन कुछ ही समय बाद 3 आरोपियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था। ये मामला 2008 का था। हिरासत में रहने के दौरान तीनों आरोपियों ने पुलिस वालों पर हमला कर दिया था, बाद में पुलिस के साथ एनकाउंटर में आरोपी ढेर हो गए थे। वी.सी. सज्जानर कई माओवादियों के एनकाउंटर में भी टीम का हिस्सा रहे हैं।

ऐसे किया महिला डॉक्टर के आरोपियों का एनकाउंटर
साइबराबाद पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जानर ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि यह घटना आज तड़के तीन और छह बजे के बीच हुई है। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि चारों आरोपियों ने उस समय भागने की कोशिश की जब क्राइम सीन को रिक्रिएट करने के लिए उन्हें उस जगह ले जाया गया जहां महिला चिकित्सक का शव मिला था। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान आरोपियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और उनसे हथियार छीनकर उन पर गोली चलानी शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए चारों आरोपियों को गोली मार दी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ उस स्थान से कुछ ही दूरी पर हुई जहां महिला पशु-चिकित्सक को जलाया गया था। पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गए हैं।

गैंगरेप के बाद जलाया महिला डॉक्टर को
राज्य के एक सरकारी अस्पताल में सहायक पशु-चिकित्सक के रूप में कार्यरत 26 वर्षीय महिला का शव 28 नवंबर की सुबह शादनगर में जली हुई हालत में मिला था। साइबराबाद पुलिस ने 29 नवंबर को इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था और उन्हें 30 नवंबर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। सभी आरोपियों की उम्र 24 साल से कम है। महिला चिकित्सक के पिता ने चारों आरोपियों को मारने के लिए हैदराबाद पुलिस का आभार व्यक्त किया है।

महिला चिकिस्तक के पिता ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘9 दिनों बाद आज मेरी बेटी की आत्मा को शांति मिली है। तेलंगाना सरकार ने मामले की जल्द से जल्द सुनवाई के लिए बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के आदेश जारी किए थे। राज्य सरकार ने मामले की जल्द सुनवाई के लिए महबूबनगर जिले में प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत को विशेष अदालत के रूप में नामित किया था। दुष्कर्म एवं हत्या की इस घटना के बाद देश के लोगों ने आक्रोश था और जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे थे।

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