इक्वाडोर सरकार का रेप के आरोपी नित्यानंद को शरण देने से इंकार, पासपोर्ट रद्द

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वॉशिंगटनः दुष्कर्म और अपहरण   मामले में भारत में वांछित स्वयंभू संत नित्यानंद को शरण देने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए इक्वाडोर सरकार ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि उसने दक्षिण अमेरिकी देश में जमीन खरीदने में उसे किसी भी तरह की मदद की है या उसे शरण दी है। इक्वाडोर सरकार का बयान ऐसे समय आया है, जब भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने नित्यानंद का पासपोर्ट रद्द कर दिया है और अपने सभी विदेशी दूतावासों को उसके आवाजाही पर नजर रखने के लिए ‘अवगत’ करा दिया है।

इक्वाडोर दूतावास ने एक बयान में कहा कि देश ने नित्यानंद के शरण के आग्रह को ठुकरा दिया था और उसने हैती जाने के लिए देश छोड़ दिया है। बयान के अनुसार, “इक्वाडोर दूतावास स्पष्ट रूप से उन प्रकाशित बयानों को खारिज करता है, जिसमें स्वयंभू संत नित्यानंद को इक्वाडोर द्वारा शरण देने या दक्षिण अमेरिकी द्वीप में या इक्वाडोर से दूर किसी भी जगह जमीन खरीदने में मदद देने की बात कही गई है।” बयान के अनुसार, “इसके अलावा, नित्यानंद द्वारा इक्वाडोर के समक्ष किए गए अंतर्राष्ट्रीय निजी संरक्षण (शरणार्थी) आग्रह को ठुकरा दिया गया था, जिसके बाद वह संभवत: हैती चले गए.” बयान में कहा गया है कि डिजिटल या प्रिंट मीडिया घरानों से आग्रह है कि नित्यानंद से संबंधित किसी भी तरह की सूचना का इस्तेमाल करते वक्त इक्वाडोर का संदर्भ न दे।

बयान के अनुसार, भारत में प्रिंट या डिजीजिटल मीडिया में प्रकाशित सभी खबरें कथित रूप से कैलाशा डॉट आर्गनाइजेशन वेबसाइट से ली गई थी, जोकि संभवत: नित्यानंद या उनके समर्थकों द्वारा चलाई जाती है।नित्यानंद ने इससे पहले घोषणा कर कहा था कि उसने इक्वाडोर से खरीदे गए द्वीप पर एक हिंदू राष्ट्र-कैलाशा का निर्माण किया है।. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने नित्यानंद के दावे वाले ‘हिंदू राष्ट्र कैलाशा’ पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि जब मंत्रालय को नित्यानंद के मामलों के बारे में सूचित किया गया तो मंत्रालय ने उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया। कुमार ने कहा कि संत ने नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था, जिसे खारिज कर दिया गया और प्रतिकूल पुलिस रपट की वजह से इसे होल्ड पर रख दिया गया।

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