ममता बनर्जी बोलीं-जब तक मैं जिंदा हूं बंगाल में कभी लागू नहीं होगा NRC और नागरिकता कानून

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कोलकाता: नागरिकता संशोधन कानून पर देश के कई राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहा है। असम के बाद पश्चिम बंगाल में भी प्रदर्शन हुआ। वहीं बंगाल में हुए हिंसक प्रदर्शन के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि राज्य में हिंसा भड़काने के लिए भाजपा ने कुछ लोगों को पैसा दिया है। ममता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल से बाहर की कुछ ताकतें मुस्लिम समुदाय ‘का मित्र होने का दिखावा कर रही हैं’ और वे तोड़फोड़ और आगजनी में शामिल हैं। तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने शहर के बीचों-बीच स्थित रेड रोड से विरोध मार्च शुरू किया। यह मार्च उत्तरी कोलकाता में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात रचनाकार गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर के आवास, जोरासांको ठाकुर बाड़ी पर जाकर समाप्त हुआ।

उन्होंने बंगाल में संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी लागू नहीं करने का संकल्प दोहराया और केन्द्र को उनकी सरकार को बर्खास्त करने की चुनौती दी। बनर्जी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा,‘‘राज्य से बाहर की कुछ ताकतें जो अल्पसंख्यों की मित्र होने का दिखावा कर रही हैं,वे हिंसा में शामिल हैं। ये ताकतें भाजपा के हाथों की कठपुतली हैं, उनकी जाल में नहीं फंसें।” उन्होंने कहा,‘‘ जब तक मैं जिंदा हूं, मैं एनआरसी अथवा नागरिकता कानून कभी लागू नहीं करूंगी। आप चाहें तो मेरी सरकार को बर्खास्त कर दें अथवा मुझे सलाखों के पीछे डाल दें लेकिन मैं यह काला कानून कभी लागू नहीं करूंगी। जब तक यह कानून समाप्त नहीं हो जाता मैं संवैधानिक तरीके से प्रदर्शन करना जारी रखूंगी।

उन्होंने दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। बनर्जी ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा को कानून व्यवस्था पर उपदेश देने से पहले अपने शासन वाले पूर्वोत्तर के राज्यों पर ध्यान देना चाहिए। इस बीच, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्णय की सोमवार को आलोचना की और कहा कि वह ‘‘ असंवैधानिक एवं भड़काऊ” कार्य करने से बचें। राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री को गंभीर स्थिति को संभालने में वक्त देना चाहिए।

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