अलर्टः इस सप्ताहांत उत्तर भारत में रहेगा जमा देने वाली शीत लहर का प्रकोप

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नई दिल्लीः कंपकंपा देने वाली सर्दी से जूझ रहे उत्तर भारत में लोगों को इस सप्ताह के आखिरी दो दिनों में और भी भीषण सर्दी का सामना करने के लिये तैयार रहना होगा। जलजमाव के स्तर तक पहुंचा देने वाली कड़ाके की सर्दी, क्रिसमस और नये साल के इस दौर में खलल डाल सकती है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत में दिल्ली एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों और उत्तरी राजस्थान में 28 और 29 दिसंबर को पारा चार डिग्री सेल्सियस तक गिरने का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए इन दो दिनों में शीत लहर (कोल्ड वेव) चलने की संभावना जताई है।

उल्लेखनीय है कि सर्दी के इस मौसम में मानकों के मुताबिक शीत लहर की स्थिति पहली बार उत्पन्न होगी। मौसम विभाग की उत्तर क्षेत्रीय पूर्वानुमान इकाई के प्रमुख वैज्ञानिक डा. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि हिमालय क्षेत्र में जारी बर्फबारी में अगले दो तीन दिनों में इजाफा होने की संभावना के कारण उत्तर के मैदानी इलाकों में आगामी शनिवार और रविवार को शीत लहर की स्थिति देखने को मिलेगी।

उन्होंने बताया कि इन इलाकों में सप्ताहांत के दौरान न्यूनतम तापमान चार डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। डा. श्रीवास्तव ने कहा कि हिमालय क्षेत्र में जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इस सप्ताह भी बर्फबारी यथावत बरकरार रह सकती है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत के उत्तरी इलाकों की ओर आने वाली ठंडी हवाएं, सर्दी में इजाफा कर रही है। इसकी वजह से मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब सहित समूचे उत्तर और उत्तर पश्चिमी इलाकों में 28 दिसंबर से रात के तापमान में दो से चार डिग्री तक की गिरावट आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थिति बरकरार है।

मौसम के मानकों के अनुसार कोल्ड डे में दिन के तापमान में गिरावट और रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होती है लेकिन कोल्ड वेव के दौरान दिन और रात, दोनों समय तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है और यह जलजमाव के स्तर (न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शुक्रवार 27 दिसंबर तक ‘सीवियर कोल्ड डे’ की स्थिति बरकरार रहेगी। इससे साफ है कि नये साल की आमद तक सर्दी से राहत की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। डा. श्रीवास्तव ने कहा कि शीत लहर के प्रकोप से उत्तर और उत्तर पश्चिमी इलाकों के अलावा मध्य एवं पूर्वी भारत के भी कुछ इलाके अछूते नहीं रहेंगे।

मौसम के मानकों के मुताबिक दिल्ली, हरियाणा चंडीगढ़ क्षेत्र में न्यूनतम तापमान लगातार दो दिन तक सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस से भी कम होने पर शीत लहर की आधिकारिक घोषणा की जाती है। जबकि इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस से कम होने पर गंभीर शीत लहर (सीवियर कोल्ड वेव) की स्थिति घोषित होती है। इसी प्रकार कोल्ड डे की स्थिति इन इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 सेल्सियस से कम होने पर घोषित की जाती है, जबकि सीवियर कोल्ड डे के लिये न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम होना अनिवार्य है।

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