मैंगलोर हिंसा के Video आए सामने, पूरी तैयारी के साथ आए थे उपद्रवी

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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मैंगलोर में 19 दिसंबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर के बाद पुलिस ने कुछ वीडियो क्लिप जारी किए हैं जिनमें कथित तौर पर प्रदर्शनकारी एक ऑटो-ट्रॉली में पत्थर भर कर लाते हुए और उन्हें पुलिसकर्मियों पर फेंकते हुए तथा सीसीटीवी कैमरों को तोड़ने की कथित तौर पर कोशिश करते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में प्रदर्शनकारी अपनी पहचान छिपाने के लिए कपड़ों से अपना चेहरा छिपाए हुए और सबूत मिटाने की कोशिश में सीसीटीवी कैमरों को तोड़ने की कोशिश करते हुए भी दिख रहे हैं।

ये वीडियो फुटेज पिछली रात जारी किए गए जब विपक्षी कांग्रेस और जद (एस) ने दावा किया कि गोलीबारी में मारे गए लोग ‘बेकसूर’ थे और उनका हिंसा से दूर-दूर तक लेना-देना नहीं था।गृहमंत्री बसावराज बोम्मई ने घोर हिंसा में भी कथित रूप से अधिकतम संयम रखने के लिए पुलिस की प्रशंसा की और ‘शरारती लोगों’ को मासूम कहने पर विपक्ष के नेताओं पर निशाना साधा। बोम्मई ने कहा, “मीडिया के लोगों द्वारा और सीसीटीवी कैमरा में कैद वीडियो में दिख रहा है कि (मंगलुरु में) कैसे बड़े पैमाने पर पत्थरबाजी की गई। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “ सोचे-समझे तरीके से, लोगों ने अपने चेहरे छिपा कर रखे थे, सीसीटीवी कैमरों को तोड़ा और संगठित तरीके से आगजनी और लूट की। उन्होंने पथराव भी किया और पेट्रोल बम का भी इस्तेमाल किया।

इन वीडियो और फोटो में साफ नजर आ रहा है कि उपद्रवी माहौल खराब करने के लिए पूरी तैयारी के साथ आए थे। वे हथियार बंद थे। वीडियो में दिख रहा है कि उत्पात मचाने के लिए उपद्रवियों ने पहले आसपास लगे सीसीटीवी खराब किए ताकि उनकी पहचान न हो सके। उपद्रवियों की जिन-जिन सीसीटीवी पर नजर गए उन्होंने उसे तोड़ने तक की भी कोशिश की। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि उपद्रवियों ने पहले पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद जवाब में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। उपद्रवियों ने बच्चों और महिलाओं पर भी पत्थरबाजी की।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्रियों-सिद्धरमैया और एच डी कुमारस्वामी ने मृतकों के परिवार से मुलाकात की और दोनों ने प्रत्येक परिवार के सदस्यों को पांच-पांच लाख रुपए का चेक दिया। यह उस 10 लाख रुपए के अनुदान से अलग था जो राज्य सरकार की तरफ से उन परिवारों को दिया गया जिन्होंने पिछले गुरुवार पुलिस गोलीबारी में अपने प्रियजन खोए थे। मंगलुरु में पुलिस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी जिसके बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था और इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी।

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