पत्नी से 50 हजार रुपये उधार मांगकर रमेश चंद्रा ने शुरू की थी यूनिटेक, इस गलती ने किया बर्बाद

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नई दिल्ली: विवादों में घिरी देश के रियल्टी सैक्टर की जानी-मानी कम्पनी यूनिटैक को शुरू करने वाले रमेश चंद्रा हैं। उन्होंने अपनी पत्नी से 50,000 रुपए उधार मांग कर इस कम्पनी की नींव रखी थी। साल 2007 में यूनिटैक देश की सबसे बड़ी रीयल एस्टेट कम्पनी थी, लेकिन रीयल एस्टेट सैक्टर में गिरावट, बढ़ते कर्ज के बोझ ने तो कम्पनी की कमर तोड़ दी। वहीं 2जी घोटाले में कम्पनी के मालिक चंद्रा परिवार के शामिल होने से उसकी छवि और कारोबार को बड़ा झटका लगा। रमेश चंद्रा, एस.पी. श्रीवास्तव, पी.के. मोहंती, रमेश कपूर और डॉक्टर बाहरी ने सन् 1972 में यूनिटैक टैक्निकल कंसल्टैंट नाम से कम्पनी की नींव रखी थी। उस समय यह कम्पनी जमीन की जांच करती थी। सन् 1974 में कम्पनी ने पहला इंजीनियरिंग कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया। सन् 1986 में कम्पनी पूरी तरह से रियल्टी सैक्टर में कूद चुकी थी।

2008 के बाद से बिगडऩी शुरू हुई कम्पनी की किस्मत
2003 से 2008 के दौरान कम्पनी तेजी से ग्रोथ कर रही थी लेकिन चंद्रा फैमिली की इस कम्पनी की किस्मत 2008 के बाद से बिगडऩी शुरू हो गई। यूनिटैक वायरलैस (यूनिटैक की सबसिड्री में से एक) ने देश भर में 2जी स्पैक्ट्रम के लिए टैलीकॉम लाइसैंस हेतु बोली लगाई और लाइसैंस हासिल किया। 2008 के अंत होते-होते लेहमैन ब्रदर्स के बर्बाद होने के बाद ग्लोबल लिक्विडिटी संकट पैदा हो गया और उस वक्त ऊंचाई पर चल रही इंडियन प्रॉपर्टी मार्कीट में गिरावट आनी शुरू हो गई। ज्यादातर रियल्टी डिवैल्पर्स को पैसे की कमी होने लगी।

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