चीन में कोरोना वायरस ने मचाया मौत का तांडव, WHO ने बुलाई आपात् बैठक

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बीजिंगः चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते मौत का तांडव मचा हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को कोरोना वायरस के मसले पर एक आपात बैठक बुलाई है। दरअसल, चीन में घातक कोरोना वायरस का कहर इस कदर बढ़ता जा रहा है कि इससे मरने वालों की संख्या 170 हो गई है। गुरुवार को चीनी सरकार ने कहा कि कोरोना वायरस से हुबेई प्रांत में 37 की मौतें सामने आई हैं। कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले प्रांत हुबेई में 1032 नए मामले भी सामने आए हैं।

वायरस के दुनिया भर में फैलने का खतरा
WHO ने बुधवार को सभी सरकारों को चेतावनी दी थी कि चीन से फैलने वाले कोरोना वायरस पर ‘कार्रवाई’ करें। कोरोना वायरस को लेकर WHO की अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमन आपात समिति की बैठक गुरुवार को बुलाई गई है, जिसमें इस बात पर चर्चा होगी कि क्या चीन में फैला कोरोना वायरस अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपात के समान है। WHO के महानिदेशक डॉ टेडरस एडहेनम ने एक ट्वीट में बताया कि इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि इस वायरस के फैलते संक्रमण को स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित किया जाए या नहीं। उन्होंने बताया कि इस तथ्य के मद्देनजर वायरस के दुनिया भर में फैलने का खतरा है।  हालांकि, कोरोना वायरस के सिर्फ एक प्रतिशत मामले चीन से बाहर पाए गए हैं। उनमें भी अधिक तर लोग या तो चीन की यात्रा कर लौटे थे या चीन की यात्रा करने वाले लोगों के संपर्क में आये थे। लेकिन चीन से बाहर के तीन देशों में कुछ ऐसे मामले भी सामने आये हैं जिनमें वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने  दी चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक करीब 7700 लोगों के इसकी चपेट में आने की भी पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायरस संक्रमण अगले 10 दिन में चरम पर पहुंच जाएगा जिसके परिणाम स्वरूप बड़ी संख्या में लोगों की मौत होगी। कोरोना वायरस का मामला पिछले साल दिसंबर में सबसे पहले वुहान में सामने आया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वायरस संक्रमण अगले 10 दिन में चरम पर पहुंच जाएगा जिसके परिणाम स्वरूप बड़ी संख्या में लोगों की मौत होगी। कोरोना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है लेकिन ‘सिवीयर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स)’ ऐसा कोरोना वायरस है जिसके प्रकोप से 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी।

वुहान से लाए गए जापान के तीन नागरिक कोरोना वायरस से संक्रमित
वुहान से जापान के उन तीन लोगों को वापस बुला लिया गया जिनकी जांच में उनके इस वायरस से संक्रमित होने का पता चला है। हालांकि जापान में इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए समुचित कदम नहीं उठाने के लिए सरकार की आलोचना की जा रही है। जापान के यात्रियों को लेकर दूसरी बार वुहान से विमान लौटने के बाद नए मामलों का पता चला है। वहीं सरकार ने दूसरे ऐसे मामले की पुष्टि की है जिसमें एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इस बीमार का प्रसार हुआ है। वुहान से 400 से ज्यादा लोगों को जापान वापस लाया जा चुका है। कोरोना वायरस की वजह से वुहान में अब तक 170 लोगों की मौत हो चुकी है और इससे हजारों संक्रमित हुए हैं।

हुबेई में कोरोना वायरस के 1032 नए मामले सामने आए
चीन के मध्य हुबेई प्रांत में कोरोना वायरस के 1032 नए मामले सामने आए हैं और इससे 37 और भी लोगों के मरने की रिपोटर् दर्ज हुई है। प्रांत के स्वास्थ्य प्रशासन ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। हुबेई प्रांत स्वास्थ्य आयोग के अनुसार प्रांत की राजधानी वुहान में बुधवार को कोरोना वायरस के 356 नए मामले सामने आए तथा 25 और लोगों की मौत हुई है। बुधवार तक हुबेई में कोरोना वायरस के कुल 4586 मामलों की पुष्टि हुई है और इस वायरस के कारण मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 162 पहुंच गया है जबकि 4334 मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं जिसमें से 277 की हालत गंभीर बनी हुई है।

कई उड़ानें रद्द
एयर इंडिया, बिटिश एयरवेज, लुफ्थांसा, लॉयन एयर और इंडिगो एयरलाइन ने बुधवार को चीनी शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी। नई  दिल्ली में एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय एयरलाइन दिल्ली से शंघाई मार्ग पर अपनी उड़ानें 31 जनवरी से 14 फरवरी तक रद्द कर रही है। इंडिगो ने भी चीन के विभिन्न शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द करने की घोषणा की है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने की मुश्किल जिम्मेदारी सेना को उठाने का बुधवार को आदेश दिया। यह 17 देशों में फैल गया है। इस बीच, कई वैश्विक एयरलाइनों ने चीन के विभिन्न शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। चीन में इस वायरस से छह विदेशी भी संक्रमित हुए हैं। जर्मनी में चार मामलों की पुष्टि हुई है। इस तरह, फ्रांस के बाद यह दूसरा यूरोपीय देश हो गया है।

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