राजद्रोह के आरोप में DGP रैंक का अधिकारी निलंबित, देश की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप

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अमरावती। प्रदेश खुफिया प्रमुख के रूप में राजद्रोही कार्यो के जरिये कथित रूप से देश की सुरक्षा खतरे में डालने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने शनिवार रात पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) स्तर के आइपीएस अधिकारी एबी वेंकटेश्वर राव को निलंबित कर दिया।

मुख्य सचिव नीलम साहनी ने राज्य के डीजीपी (पुलिस प्रमुख) की रिपोर्ट के आधार पर उनका निलंबन आदेश जारी किया। इस रिपोर्ट में वेंकटेश्वर पर सुरक्षा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में गंभीर कदाचार का आरोप लगाया गया है। वेंकटेश्वर 1989 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं और पिछले साल 30 मई को सत्ता संभालने के बाद वाईएस जगनमोहन रेड्डी सरकार ने उन्हें राज्य खुफिया प्रमुख के पद से हटा दिया था। तब से उन्हें तैनाती नहीं दी गई थी।

पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के करीबी माने जाने वाले वेंकटेश्वर के बारे में गोपनीय रिपोर्ट में कहा गया है, ‘राव ने जानबूझकर विदेशी रक्षा निर्माण कंपनी को पुलिस के खुफिया प्रोटोकॉल और प्रक्रियाओं की जानकारी दी थी। यह सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है क्योंकि पूरे भारतीय पुलिस बल में खुफिया प्रोटोकॉल एक समान हैं।’ रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वेंकटेश्वर ने इजरायली रक्षा उपकरण निर्माता आरटी इंफ्लेटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलीभगत करके गैरकानूनी रूप से अहम खुफिया और निगरानी कांट्रेक्ट अपने बेटे चेतन साई कृष्ण को दे दिया जो एडवांस सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड का सीईओ था।

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