काबिले तारीफ है इनकी सोच, दुल्हन की शादी से मची हर तरफ धूम

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राजगढ़: जिले के ब्यावरा में एक ऐसी शादी हुई जिसमें दूल्हे ने शादी की सारी रस्में व्हीलचेयर पर बैठकर की। इस शादी के बाद दुल्हन लोगों की चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, राजगढ़ जिले के जूना ब्यावरा में रहने वाले 38 वर्षीय दिलीप सक्सेना शादी से 7 दिन पहले हादसे का शिकार हो गए थे।

जानकारी के अनुसार, शादी तय होने के बाद 5 जून को खिलचीपुर से शादी का कार्ड बांटकर लौट रहे तभी उनकी बाइक का टायर फटा और उनका एक्सीडेंट हो गया। जिसमें उनके हाथ पांव फ्रैक्चर हो गए। दिलीप का भोपाल के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया गया। लेकिन चोट इतनी गहरी थई कि शादी तक उनके जख्मों की रिकवरी होना मुश्किल था।

इस दौरान विदिशा की रहने वाली उनकी मंगेतर दीप्ति दिलीप से मिलने अस्पताल पहुंची। उन्होंने आपस में कुछ समय चर्चा की और उसने खुद दिलीप से इसी हाल में शादी करने का फैसला लिया। दीप्ति के इस हौसले की सभी तारिफ कर रहे हैं क्योंकि जहां एक और दूल्हे के माता-पिता इस बात से हैरान थे कि कहीं रिश्ता बिगड़ न जाए और कोई दिक्कत न हो, वहीं  दीप्ति ने बिना किसी चिंता किए सीधे शादी करने की बात रख दी। निर्धारित तारिख पर हिंदू रीति-रिवाज से दोनों ने सात फेरे लिए। दीप्ति के इस निर्णय ने समाज को नई दिशा दी है।

बता दें कि, सोमवार को भोपाल में ही भर्ती दिलीप से मिलने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी पहुंचे थे। उन्होंने दीप्ति के साहस की सराहना की थी। दुल्हन दीप्ति ने कहा कि रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं, ये सीधे आत्मा का कनेक्शन होता है। किसी के चेहरे या शरीर से कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने स्वेच्छा से यह निर्णय लिया है। मैं सभी से यही कहना चाहूंगी कि अपने रिश्ते को अहमियत दें। जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते रहते हैं।

वहीं, हादसे में घायल दूल्हे दिलीप का कहना है कि भगवान, परिजन और मित्रों के आशीर्वाद से मैं स्वस्थ हूं। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं जो मेरी होने वाली पत्नी ने इतना बड़ा फैसला लिया। उसने मेरे दिल को जीत लिया।  उनके इस फैसले से एक बार फिर साबित हो गया कि समाज में अभी भी भारतीय संस्कृति और हमारे संस्कार जीवित हैं।

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