कमलनाथ सरकार ने किया एक और वचन पूरा, स्मार्ट गौशाला बनाने के लिए प्लानिंग शुरु

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जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने गौशाला को लेकर विस्‍तृत योजना तैयार की है। जिसमें गायों के सोने और घूमने-फिरने के लिए अलग-अलग क्षेत्र बनाए जाएंगे। उन्हें चारा देने से लेकर उनके गोबर और मूत्र संग्रह तक के लिए फिल्ट्रेशन प्लांट बनाने का प्‍लान है। इसके लिए शासन को निजी कंपनियों को सिर्फ ज़मीन मुहैया करानी होगी। हालांकि, कंपनियों को आबंटित की जाने वाली जमीन सशर्त होगी। ज़मीन तब तक ही कंपनी के नाम पर रहेगी, जब तक उस पर गौशाला का संचालन किया जाएगा। संबंधित कंपनी द्वारा दूसरे उद्देश्‍य के लिए इस्‍तेमाल करने पर आवंटन को रद्द कर दिया जाएगा।

वचन पत्र में किया वादा किया पूरा 
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान जारी किए वचन-पत्र में गायों के संरक्षण का जो वादा किया था उसे पूरा किया है। पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक में इस प्लान पर मुहर लग चुकी है।उसी को ध्यान में रखकर स्मार्ट गौशाला का प्लान तैयार किया गया है। इस योजना में व्यवस्था ऐसी रहेगी कि गाएं सर्दी-गर्मी से बची रहें। उन्हें नहलाने के लिए स्प्रिंगलर लगाए जाएंगे।

क्या है स्मार्ट गौशाला प्रोजैक्ट?
इस योजना के तहत निराश्रित गौ-वंश का रख-रखाव किया जाएगा। गाय के गोबर, मल-सूत्र और पूंछ के बालों को देश-विदेश में एक्सपोर्ट किया जाएगा। इसका इस्तेमाल विभिन्न वस्तुएं बनाने में किया जाएगा।

गौ-शालाओं की स्थिति-

  • मध्य प्रदेश में कुल 8 लाख 65 हज़ार गाय हैं।
  • निराश्रित गायों के लिए सरकार ने 1000 गौशालाओं को चिन्हित किया है।
  • सरकार 614 गौशालाएं संचालित कर रही है।
  • 614 गौशालाओं में 1 लाख 60 हज़ार गायों का रख रखाव किया जा रहा है।

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