ट्रेनों में मसाज की योजना पर ताई ने जताई आपत्ति, रेल मंत्री को पत्र लिख पूछे ये सवाल

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इंदौर: रेल यात्रियों को रेल में मसाज सेवाएं प्रदान करने की रेलवे की योजना विवादों से घिरती नजर आ रही है। बीजेपी नेताओं द्वारा इसका जमकर विरोध किया जा रहा है। इंदौर सांसद शंकर लालवानी के बाद पूर्व सांसद और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ताई ने इस योजना को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इसको लेकर सुमित्रा महाजन ने रेल मंत्री को पत्र भी लिखा है और कहा कि रेलवे स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों में होने वाली मसाज से महिलाओं को परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही महाजन ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से 4 सवालों के जवाब मांगे हैं।

सुमित्रा महाजन ने रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पत्र में लिखा है कि भारतीय रेल को आधुनिक, गतिशील एवं प्रौद्योगिकी अनुकूल बनाने की दिशा में आपके द्वारा किए गए प्रयासों की मैं प्रशंसा करती हूं। आशा है कि भविष्य में रेल मंत्रालय यात्रियों के लिए उत्कृष्टतम सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने आगे लिखा, इस संबंध में मैं आपका ध्यान रतलाम रेल मंडल द्वारा हाल ही में इंदौर की 39 ट्रेनों में मसाज की सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी एक समाचार की ओर से आकृष्ट करना चाहती हूं। इस संबंध में मेरे कुछ प्रश्न हैं, जिनके उत्तर मैं जानना चाहती हूं।

उन्हाेंने पत्र में पूछा है कि क्या वास्तव में रतलाम रेल मंडल ट्रेनाें में हेड-फुट मसाज की सुविधा उपलब्ध करवाएगा? क्या इस नीतिगत निर्णय को रेल मंत्रालय की स्वीकृति है? इससे महिलाओं की सुरक्षा और सहजता संबंधी सवाल खड़े हो सकते हैं। क्या प्लेटफाॅर्म पर भी हेड-फुट मसाज पार्लर खोलने का प्रस्ताव है?

नवनिर्वाचित सांसद शंकर लालवानी ने भी जताया था विरोध
इस योजना का नव निर्वाचित सांसद शंकर लालवानी ने मसाज सुविधा का विरोध किया था। उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल को इसके लिए एक पत्र भी लिखा था। सांसद लालवानी का कहना था कि ये हमारी भारतीय सभ्यता के खिलाफ है, महिलाओं के सामने इस तरह की सेवा रेलवे द्वारा शुरू करना गलत है। उन्होंने रेल मंत्री को सुझाव भी दिया है कि मसाज की जगह ट्रेनों में स्वास्थ्य संबंधी सुविधा होना चाहिए, जो यात्रियों के लिए आवश्यक है।

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