भारत में आतंक फैलाने की फिराक में ISIS आतंकी, हिंद महासागर के रास्ते देश में घुसने की तैयारी

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तिरुवनंतपुरम। श्रीलंका में हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत और श्रीलंका दोनों देशों में आइएसआइएस (ISIS) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच खुफिया एजेंसियो ने आइएसआइएस (ISIS) को लेकर खुलासा किया है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अब आइएसआइएस (ISIS) की निगाह भारत और श्रीलंका में आतंक का नया ठिकाना बनाने पर टिकी हुई है। इंटेलीजेंस रिपोर्ट के मुताबिक भारत और श्रीलंका में पांव पसारने के लिए आतंकी संगठन आइएसआइएस (ISIS) हिंद महासागर के इलाके के रास्ते यहां घुस सकते हैं। आइएसआइएस (ISIS) का ये रुख सीरिया और इराक में हुए उसके नुकसान के बाद सामने आया है।

केरल पुलिस के अधिकारियों को ऐसे तीन पत्र राज्य की खुफिया एजेंसी ने दिए हैं, जिसमें आतंकियों की इन गतिविधियों को लेकर लिखा गया है। एक पत्र में लिखा गया है, ‘इराक और सीरिया के इलाकों में नुकसान के बाद, आइएसआइएस (ISIS) ऑपरेटर्स से अपने-अपने देशों में वापस रहते हुए जिहाद के हिंसक रूप दिखाने की बात कही गई है।’

एक अन्य पत्र में लिखा गया है ‘कोच्चि के प्रमुख इलाकों, जिसमें एक प्रमुख शॉपिंग मॉल भी शामिल है, आइएसआइएस (ISIS) आतंकियों का टारगेट बन सकता है।’ लेटर में लिखी गई इन बातों ने भारत में आइएसआइएस (ISIS) से संबंधित साइबर गतिविधियों को बढ़ाने के लिए हमलों के संकेत दिए हैं।

अधिकारियों ने केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कश्मीर का हवाला देते हुए कहा कि देश में आइएसआइएस के प्रभाव के कारण ये सभी राज्य सबसे असुरक्षित हो गए हैं। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पहले टेलीग्राम मैसेंजर आइएसआइएस (ISIS) आतंकियों के बीच संचार का सबसे पसंदीदा तरीका था, लेकिन सूचना लीक होने के डर से आइएसआइएस (ISIS) आतंकी अब चैटसेक्योर, सिग्नल और साइलेंटटेक्स्ट जैसे एप्स का इस्तेमाल कर रहे है, ऐसे ही एक एप में यह लेटर मिला है।

केरल में पिछले कुछ समय में आइएसआइएस (ISIS) की गतिविधियों में तेजी से इजाफा हुआ है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में कम से कम 100 लोग आतंकी संगठन आइएसआइएस (ISIS) में शामिल हुए हैं। इनमें से अधिकतर उत्तर केरल इलाके से हैं।  उन्होंने कहा कि लगभग तीन हजार दक्षिणी राज्य के 21 परामर्श केंद्रों में “डी-रेडिकलाइज़्ड” हुए हैं और अब उनकी निगरानी की जा रही है।

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