भाटपारा हिंसाः ममता को घेरने में जुटी बीजेपी, आज कोलकाता जाएगा तीन सांसदों का दल

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पश्चिम बंगाल जिसे ममता का गढ़ कहा जाता है अब कई दिनो से हिंसा का गढ़ बनता जा रहा है। एक के बाद एक हिंसा आए दिन वहां होती रहती है। बंगाल के उत्तर परगना के भाटपारा शहर में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) लगातार भाटपारा हिंसा पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को घेरने में जुटी है। भाटपारा हिंसा के विरोध में कोलकाता में तीन सांसदों का दल शनिवार को पहुंचेगा और हिंसा के खिलाफ विरोध जताएगा। सांसद एसएस अहलूवालिया के नेतृत्व में एक टीम शनिवार को कोलकाता पहुंच रही है। टीम में उनके अलावा सांसद सत्यपाल सिंह और बी डी राम होंगे। सांसद टीएमसी सरकार के खिलाफ मार्च भी करेंगे।

बता दें कि गुरुवार को भाटपारा के नए पुलिस स्टेशन के पास तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) और बीजेपी समर्थकों में हिंसक झड़पें हुई थीं। इस दौरान दोनों पक्षों में कथित तौर पर न केवल बमबाजी बल्कि गोलियां भी चलाई गई थीं। इस हिंसक झड़प में दो लोगों की मौत हो गई थी। भाटपारा हिंसा के खिलाफ कोलकाता की सड़कों पर इससे पहले शुक्रवार को बीजेपी ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। इस दौरान बीजेपी समर्थकों ने न केवल पश्चिम बंगाल को बचाने की गुहार लगाई बल्कि ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। उत्तर 24 परगना के प्रभावित इलाकों में तनाव को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी गई थी। इसके बावजूद बीजेपी ने विरोध मार्च निकाला। वहीं भाटपारा हिंसा के बाद चौंकाने वाले सीसीटीवी फुजेट आए हैं।

इनमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हिंसा फैलाने वालों ने अपना गुनाह छिपाने के लिए इस इलाके के सीसीटीवी कैमरों में तोड़-फोड़ की थी। पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव 2109 से ही हिंसक झड़पों की घटनाएं सामने आ रही हैं। टीएमसी और बीजेपी एक-दूसरे के खिलाफ हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं। ममता बनर्जी आरोप लगाती रही हैं कि बीजेपी हिंसा भड़का रही है। वहीं बीजेपी दावा कर रही है कि टीएमसी कैडर लगातार बीजेपी समर्थकों को निशाना बना रहा है।

इसी आरोप प्रत्यारोप के बीच सांसद एसएस अहलूवालिया के नेतृत्व में एक टीम शनिवार को कोलकाता पहुंच रही है। टीम में उनके अलावा सांसद सत्यपाल सिंह और बी डी राम होंगे। बंगाल में उत्तर 24 परगना के भाटपारा की हिंसा का मामला गंभीर होता जा रहा है। भाटपारा की हिंसा में 2 स्थानीय लोगों की मौत के बाद उनकी शव यात्रा के साथ स्थानीय बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने एक मार्च निकाला। भाटपारा में धारा 144 लागू है, इसके बावजूद ये मार्च निकला। इस मार्च के दौरान पुलिस पर पथराव भी हुआ। भाटपारा में हिंसा बंगाल में चुनाव के बाद से जारी राजनीतिक हिंसा की एक और कड़ी है।

गुरुवार को बीजेपी और टीएमसी के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद पुलिस और आरएएफ को हवाई फायर करने पड़े थे। हालांकि बीजेपी का आरोप है कि जिन दो लोगों की मौत हुई वो पुलिस की गोली से मारे गए। इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं की जा सकी है। पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के भाटपाड़ा में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन इन्हें गुरुवार को हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार नहीं किया गया है। कांकीनाडा में निषेधाज्ञा लागू होने और अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती के बीच शुक्रवार को कुछ बदमाशों बम फेंक दिया था।

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