विवादित मामलों को निपटा रही थीं DSP, क्राइम ब्रांच से हटाया गया

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इंदौर। क्राइम ब्रांच में पदस्थ महिला डीएसपी को एसएसपी ने क्राइम ब्रांच से हटा दिया है। उन पर आरोप है कि अधिकारियों को जानकारी दिए बिना लेन-देन के विवादों को सुलझा रही थी, जबकि नियमानुसार वे सीधे शिकायती आवेदनों पर कार्रवाई नहीं कर सकती थीं। उनके साथ रीडर और सिपाही की छुट्टी कर दी। मामले की एएसपी को जांच भी सौंपी है। क्राइम ब्रांच में कुछ दिनों पहले ही महिला डीएसपी दीपाली जैन की पोस्टिंग हुई थी। उन्हें वी केयर फॉर यू की बगल में केबिन अलॉट किया गया था और एक रीडर भी मुहैया कराया गया था।

अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि डीएसपी जैन विवादित केसों की बाले-बाले जांच कर रही हैं। कुछ दिनों पहले एक व्यक्ति को पकड़ा और अधिकारियों को बताए बिना थाने भेज दिया। पहले उस पर समझौते का दबाव बनाया, फिर कार्रवाई कर दी। शिकायत मिलने पर एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र ने डीएसपी जैन को क्राइम ब्रांच से हटा कर रेंज ऑफिस में पदस्थ कर दिया। डीएसपी के रीडर ओंकार पांडे को महिला अपराध और सिपाही रंजीत को डीआरपी लाइन भेज दिया।

क्राइम ब्रांच में सीधे शिकायत नहीं ले सकते अधिकारी

क्राइम ब्रांच अधिकारी पीड़ितों से सीधे आवेदन और शिकायतें नहीं ले सकते। यहां नियम है कि एसपी (मुख्यालय) और एसएसपी द्वारा आदेशित शिकायतों की ही जांच की जाएगी। क्राइम ब्रांच को सौंपी जाने वाली जांच अपहरण, धमकी, गैंगवार, ऑनलाइन फ्रॉड, महिला अपराध जैसी गंभीर प्रवृत्ति के होते हैं। जांच के बाद एएसपी के द्वारा

कार्रवाई के लिए थानों को पत्र लिखा जाता है। इस मामले में डीएसपी खुद ही पत्र लिख कर कार्रवाई करवा रही थीं।

एसपी-एएसपी को बताए बिना लिखा पत्र

एसएसपी ने एएसपी (क्राइम) अमरेंद्रसिंह को मामले की जांच सौंपी है। उन्होंने मामले की जानकारी निकाली तो पता चला कि डीएसपी ने 28 मई को प्रदीप पिता रुक्मणि प्रसाद मिश्रा निवासी संचार नगर को पकड़ा था। मिश्रा का जेम्स पॉल से लेन-देन था। पॉल ने उसके विरुद्ध धारा 138 का केस लगा रखा था। डीएसपी ने प्रदीप को तुकोगंज थाने भेज दिया और पत्र (उपुअ/इं/ अप./05ए/2019) भी लिख दिया। उन्होंने कई बार फोन भी किए और मिश्रा पर कार्रवाई का दबाव बनाया। एसआई ने झूठी कार्रवाई से इंकार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर रवाना कर दिया। जैसे ही अधिकारियों को जानकारी मिली हड़कंप मच गया।

मेरी पोस्टिंग रेंज कार्यालय में है

मेरी पद स्थापना रेंज कार्यालय में ही है। चुनाव के दौरान कार्य की अधिकता के कारण क्राइम ब्रांच में पदस्थ कर दिया था। मुझे सामान्य रूप से ही मूल कार्यालय भेजा गया है। तुकोगंज थाने पर जिस व्यक्ति को भेजा उसकी शिकायत मिली थी।– दीपाली जैन, डीएसपी

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