पूर्व सांसद अन्नू टंडन का कांग्रेस से इस्तीफा, बोलीं- मीडिया मैनेजमेंट और सेल्फ ब्रांडिंग में बिजी हैं पार्टी के नेता

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 से पहले अपनी जड़ मजबूत करने में लगी कांग्रेस को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है। उन्नाव से पूर्व सांसद तथा पार्टी की वरिष्ठ नेता अन्नू टंडन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

उत्तर प्रदेश के साथ उन्नाव में कांग्रेस की जड़ मजबूत करने के अभियान में काफी जोर-शोर से लगीं अन्नू टंडन के इस्तीफा देने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है। अपना इस्तीफा ट्वीट करते हुए उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से कोई तालमेल न होने और सहयोग न मिलने के आरोप लगाए हैं। अन्नू टंडन ने कहा है कि पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा से बातचीत से भी आगे का कोई रास्ता नहीं निकल सका। उन्होंने कहा कि आज तो मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपना इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में मैंने अपना बयान भी साझा किया है। अब मुझे मेरे सभी शुभचिंतकों का प्यार और आशीर्वाद चाहिए।

मीडिया मैनेजमेंट और सेल्फ ब्रांडिंग में बिजी हैं पार्टी के नेता

अन्नू टंडन ने कहा कि उन्हेंं इतना दुख 2019 का लोकसभा चुनाव हारने का नहीं हुआ जितना की पार्टी संगठन की तबाही और बिखराव देखकर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का नेतृत्व सोशल मीडिया मैनजमेंट और व्यक्तिगत ब्रांडिंग में लीन है। पार्टी और वोटरों के बिखर जाने से उनको कोई मतलब नहीं है। पूर्व सांसद ने कहा कि नेक इरादों के बावजूद मेरे कुछ सहयोगी और बेहद ही अस्तित्वहीन व्यक्ति मेरा झूठा प्रचार कर रहे हैं। तकलीफ तब होती है, जब शिकायत के बाद भी पार्टी का नेतृत्व कोई प्रभावी कदम नहीं उठाता है। मेरी बात पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी से भी हुई कोई भी विकल्प या आगे का रास्ता नहीं निकल पाया। यूपी और अन्य राज्यों के वरिष्ठ नेता भी असहाय नजर आए।

 बांगरमऊ उप चुनाव पर पड़ेगा असर

उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव अपने पूरे शबाब पर हैं लेकिन इस सब के बीच अन्नू टंडन के इस्तीफा से कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। उन्नाव से 2009 में सांसद का चुनाव जीतने वाली कद्दावर नेता अन्नू टंडन के पार्टी से इस्तीफा देने से उन्नाव की बांगरमऊ सीट पर भी काफी प्रभाव पड़ेगा। उपचुनाव से ठीक पहले अन्नू टंडन के कांग्रेस छोडऩे पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रदेश नेतृत्व पर सवाल

अपना इस्तीफा ट्वीट करते हुए उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से कोई तालमेल न होने और सहयोग न मिलने के आरोप लगाए हैं। अन्नू टंडन ने कहा है कि पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा से बातचीत से भी आगे का कोई रास्ता नहीं निकल सका। उन्होंने बताया कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को को इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने पार्टी की नीतियों पर काफी नाराजगी भी जताई है। अन्नू टंडन का कहना है सोनिया गांधी और राहुल गांधी से सहयोग मिलता रहा। अभी प्रदेश नेतृत्व से सहयोग नहीं मिल रहा था। उनकी कार्यशैली ठीक नहीं थी। इस बारे में प्रियंका वाड्रा से बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि उनसे बात के बाद भी कोई रास्ता नहीं निकल सका। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से कोई तालमेल न होने और सहयोग न मिलने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस में रहते हुए पंद्रह सालों मे मिले सहयोग के लिए सोनिया गांधी का आभार भी जताया।

अभी भविष्य का फैसला नहीं

अब समाजवादी पार्टी में जाने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि अभी कुछ तय नहीं है। अब आगे का फैसला तो सोच समझ कर लूंगी। 2014 के लोकसभा चुनाव में अन्नू टंडन चौथे और 2019 के चुनाव में तीसरे नम्बर पर रहीं थीं।

अन्नू टंडन के साथ ही कुछ समय पहले ही कांग्रेस प्रदेश महासचिव बनाए गए अंकित परिहार ने भी इस्तीफा दिया है। इसी तरह उन्नाव के करीब 50 कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ दी है।