EOW ने नगर निगम के सिटी प्लानर को 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा, नगर निगम ने पद से हटाया

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ग्वालियर: आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी ईओडब्ल्यू ने नगर निगम के सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा को 500000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सिटी प्लानर से विश्वविद्यालय थाने में पूछताछ की जा रही है। यह पहला मौका है जब अमूमन लोकायुक्त द्वारा की जाने वाली रिश्वत लेने की कार्रवाई को ईओडब्ल्यू ने अंजाम दिया है। ईओडब्लू की कार्रवाई के बाद निगम कमिश्नर संदीप माकिन ने एक्शन लेते हुए प्रदीप वर्मा को सिटी प्लानर के पद से हटा दिया है।

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बताया जा रहा है कि फरियादी धर्मेंद्र भारद्वाज ने ही ईओडब्ल्यू से कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। उसने डेढ़ महीने से अपने शहर के बीच चल रही बातचीत ऑडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई थी उसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

बिल्डर धर्मेंद्र भारद्वाज ने करीब डेढ़ महीने पहले ईओडब्ल्यू में शिकायती आवेदन दिया था जिसमें बताया गया था कि सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा उनसे सुरेश नगर स्थित उनके डुप्लेक्स की परमिशन और सामने पड़ी सरकारी जमीन जिसका क्षेत्रफल लगभग 19000 स्क्वायर फीट है उस पर भवन निर्माण की अनुमति देने की एवज में 50 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं।

इसमें बाद में सौदा 25 लाख में तय हुआ फरियादी का यह भी कहना है कि दस लाख रुपए की रकम वह पहले ही सिटी प्लानर वर्मा को दे चुका है।शनिवार को आयुक्त कार्यालय यानी बाल भवन के पास सिटी प्लानर ने धर्मेंद्र भारद्वाज को रिश्वत देने के लिए बुलाया था। सादा कपड़ों में ईओडब्ल्यू की टीम खड़ी हुई थी जिसने रिश्वत लेते हुए प्रदीप वर्मा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद वर्मा से विश्वविद्यालय थाने में पूछताछ की जा रही है।