Bhopal RTE Lottery : मां दूसरों के घरों में लगाती है झाडू़-पोंछा, अब बेटा DPS में पढ़ेगा

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भोपाल। जब बेटा 20 दिन का था, तभी उसके पिता छोड़कर चले गए, क्योंकि बेटे के दिल में छेद था। अकेले बेटे को पालना और रोटी के लिए काम करना बहुत मुश्किल था। ससुराल वालों ने भी घर से निकाल दिया। अपनी मां के पास बेटे को छोड़कर दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा कर किसी तरह से बेटे का पालन-पोषण किया। कभी सोचा नहीं था कि शहर के सबसे बड़े स्कूल डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) में मेरा बेटा पढ़ेगा। लेकिन अब मेरा सपना पूरा हुआ। यह बात सोमवार को संतोषी ठाकुर ने बताई। दरअसल, शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निकाली गई लॉटरी में उनके बेटे रितिक को डीपीएस स्कूल में पहली कक्षा में प्रवेश मिल गया है। संतोषी ने बताया कि बेटे केएडमिशन का मैसेज जैसे ही मोबाइल पर आया खुशी से आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने बताया कि वह तो पढ़ाई नहीं कर सकीं, लेकिन चाहती हैं कि उसका बेटा पढ़-लिखकर उनका सपना पूरा करे। नन्हे रितिक ने कहा कि वह पुलिस वाला बनना चाहता है और दूसरों की मदद करना चाहता है

गरीब परिवारों के बच्चे बड़े निजी स्कूलों में पा सकेंगे मुफ्त शिक्षा

शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में सोमवार को आरटीई के तहत लॉटरी खोली गई। अब कई गरीब अभिभावकों के बच्चे बड़े निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा पा सकेंगे। बड़े स्कूलों में प्रवेश के लिए बच्चों का नाम आने से अभिभावकों में खुशी का माहौल था। इनमें कोई मजदूरी तो कोई सिलाई तो कोई चौकीदारी का काम करता है।

ज्ञात हो कि आरटीई के तहत प्रदेश भर से 2 लाख 35 हजार आवेदन आए थे। इसमें से 2 लाख 3 हजार पात्र बच्चों को लॉटरी में शामिल किया गया था, जिनमें एक लाख 77 हजार बच्चों को स्कूल अलॉट कर दिए गए। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने लॉटरी निकाली। उन्होंने कहा कि मप्र में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे ह

मजदूर पिता के दो बच्चों को मिला एडमिशन

भदभदा निवासी मजदूरी करने वाले कमलेश जाटव के दो बच्चों को आरटीई के तहत एडमिशन मिला है। वे कहते हैं कि बेटा डीपीएस में पढ़ेगा और बेटी का शारदा विद्या मंदिर स्कूल में। कमलेश कहते हैं कि किसी तरह घर-परिवार का खर्च चला लेते हैं, किसी दिन मजदूरी मिलती है तो किसी दिन नहीं मिलती। पत्नी पुष्पा सिलाई कर मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बेटा शहर के इतने बड़े स्कूल में पढ़ेगा।

इलेक्ट्रीशियन का बेटा सागर पब्लिक स्कूल में पढ़ेगा

बाबा नगर निवासी इलेक्ट्रीशियन कृष्णा बोरबन व सरिता के बेटे का एडमिशन सागर पब्लिक स्कूल में हुआ है। वे कहते हैं कि इस स्कूल के सामने से गुजरता था तो लगता कि काश मेरा बेटा भी इतने बड़े स्कूल में पढ़ता, आज वह सपना पूरा हो गया। बड़े स्कूल में पढ़ेगी बेटी: बागसेवनिया निवासी पान की दुकान चलाने वाले रामकृष्ण व नीता पंडित की बेटी परिधि, सागर पब्लिक स्कूल में पढ़ेगी। नीता कहती हैं कि किसी तरह मुश्किल से तीन बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्चा निकल पाता है। अब बेटी सागर पब्लिक स्कूल में पढ़ेगी और उनका सपना पूरा होग

इस साल लगभग 70 हजार सीटें रह जाएंगी खाली

प्रदेश के 27 हजार 796 निजी स्कूलों के 2 लाख 47 हजार सीटों पर 2 लाख 3 हजार बच्चों की लॉटरी निकाली गई है। इससे लगभग एक लाख 77 हजार बच्चों को स्कूल अलॉट किए गए। यानि इस बार निजी स्कूलों में 70 हजार सीटें खाली रह गई।

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