लड़के की शिकायत पर पुलिस ने छेड़खानी की धारा लगाई, गलती पता चली तो हटानी पड़ी

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भोपाल। नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को लेकर भोपाल पुलिस आंखें मूंदकर काम कर रही है। ताजा मामला मिसरोद में सामने आया है। यहां 12 साल के बच्चे के साथ दो युवकों ने भद्दे कमेंटस किए। इसकी शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपितों पर छेड़खानी और पॉस्को एक्ट की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली। जब यह बात अफसरों को पता चली तो उन्हें गलती का अहसास हुआ। उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी को इस मामले में छेड़खानी की धारा को हटाने के निर्देश देकर पुलिस की किरकिरी होने से बचा ली। बता दें कि ऐसे मामलों में बच्ची की शिकायत पर छेड़खानी की धारा दर्ज होती है, जबकि बालक के साथ ऐसे अपराध में अलग से धारा का उल्लेख न होने पर पॉस्को एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाता है ।

मिसरोद थाने के एसआई डीएस चौहान के अनुसार होशंगाबाद रोड स्थित एक पॉश कॉलोनी में रहने वाला 12 वर्षीय बच्चा छठवीं कक्षा का छात्र हैं। वह रविवार को कुछ सामान लेने के घर के बाहर एक दुकान पर गया था। रास्ते में आरोपित बिट्टू चौहान और रोहित मिले। दोनों ने उसे रोका और आपत्तिजनक कमेंट्स किए।

बच्चा डर के मारे एक दुकान में घुस गया

युवकों की हरकत से बच्चा इस कदर डर गया कि वह एक किराने की दुकान में घुस गया। वहां एक महिला की मदद से वह अपने घर पहुंचा और परिजनों को घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद पीड़ित के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों आरोपित के खिलाफ छेड़खानी और पॉस्को एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया।

आला अफसरों ने हटावाई धारा

इस केस में दर्ज धाराओं की जानकारी जब पुलिस के आला अफसरों तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी मिसरोद को छेड़खानी की धारा हटाने के निर्देश दिए। बता दें कि छेड़खानी धारा में पीड़ित लड़की होनी चाहिए, जबकि पुलिस ने लड़के की शिकायत पर छेड़खानी की धारा लगा दी थी।

पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई

मिसरोद थाने के एक पुलिस कर्मी द्वारा गलती से बच्चे की शिकायत पर छेड़खानी की धारा लगा दी थी। गलती सुधार कर छेड़खानी की धारा हटा दी गई है। पॉस्को एक्ट में मामला दर्ज है।

संपत उपाध्याय, एसपी साउथ

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