भाजपा नेताओं ने साधा मौन, आकाश विजयवर्गीय को जारी हो सकता है शोकाज नोटिस

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भोपाल, इंदौर। भारतीय जनता पार्टी में पहले आवेदन, फिर निवेदन और उसके बाद दनादन का फार्मूला नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सख्त रवैए के बाद प्रदेश भाजपा भी इंदौर के विधायक आकाश विजयवर्गीय को बख्शने के मूड में नहीं है। संगठन ने साफ कर दिया कि आकाश विजयवर्गीय को नोटिस जारी कर अमर्यादित आचरण पर जवाब मांगा जाएगा। हालांकि पार्टी के अधिकांश नेताओं ने मामला कैलाश विजयवर्गीय से जुड़ा होने के कारण मौन धारण कर लिया है।

गोपाल भार्गव – नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव कहते हैं कि फिलहाल प्रामाणिक जानकारी हमारे पास है नहीं है, सांसदों से भी संसद चलने के कारण बात नहीं हो पा रही है। एक बार सही बात पता चले तो कुछ बोलें।

प्रभात झा – भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा कहते हैं कि सुबह साढ़े नौ बजे हमारी स्टैंडिंग कमेटी की बैठक थी। संसदीय दल की बैठक में जा नहीं पाया। बैठक में क्या हुआ, कुछ पता नहीं।

गणेश सिंह – भाजपा संसदीय दल के सचिव और सतना सांसद गणेश सिंह से कई बार बात करने की कोशिश की, एक बार उनके पीए दिनेश कुशवाह ने फोन उठाया और कहा कि साहब बंगले में हैं और व्यस्त हैं।

राकेश सिंह – भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई। निज सहायक ने व्यस्तता का हवाला देकर बात नहीं कराई।

कोई नेता बात करने तैयार नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश होने के कारण प्रदेश का कोई भी भाजपा नेता बात करने को तैयार नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, थावरचंद गेहलोत, फग्गन सिंह कुलस्ते से बातचीत के भरसक प्रयास किए, लेकिन किसी ने प्रतिक्रिया नहीं दी।

शोकाज नोटिस जारी हो सकता है

भाजपा सूत्रों के मुताबिक संगठन इंदौर विधायक आकाश विजयवर्गीय को शोकाज नोटिस जारी कर अमर्यादित आचरण पर जवाब मांग सकती है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि हाईकमान से चर्चा के बाद इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। संगठन महामंत्री सुहास भगत ने कहा कि फिलहाल प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह दिल्ली में हैं। वहां क्या बात हुई है, किन आधार पर क्या एक्शन पार्टी को लेना है, ये सब चर्चा के बाद तय किया जाएगा। भगत ने कहा कि जैसे दिशा-निर्देश केंद्र से मिलेंगे, संगठन वैसा कदम उठाएगा।

प्रदेश भाजपा ने भी किया था आकाश का बचाव

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने चार दिन पहले दिए बयान में कहा था कि कमलनाथ सरकार को इस बात का जवाब देना पड़ेगा कि अधिकारी सोच समझकर भाजपा के जनप्रतिनिधियों की अवहेलना क्यों कर रहे हैं। यद्यपि भाजपा हाल ही में जो घटनाएं हुई हैं, उन्हें कतई उचित नहीं मानती, लेकिन इस प्रकार की परिस्थितियां पैदा होने के कारण को समझती है।

सिंह ने कहा था कि सब जानते हैं कि इंदौर के विधायक का स्वभाव कभी उग्र नहीं रहा, लेकिन वहां की नगर निगम के अधिकारियों ने विधायक की जायज बात को न मानते हुए आम नागरिकों और विशेषकर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। जनप्रतिनिधि होने के नाते विधायक का वहां पहुंचना लाजिमी था, लेकिन अधिकारियों ने विधायक की एक नहीं सुनी और अपने अनुचित कार्य को करने की चेष्टा करने लगे। परिस्थितिवश तनाव हुआ और ऐसी घटना हुई, जिसका हम समर्थन नहीं करते।

आकाश की कोई प्रतिक्रिया नहीं

बल्ला कांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान आने के बाद विधायक आकाश विजयवर्गीय की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। वे अज्ञातवास पर चले गए। उनके समर्थकों को भी नहीं मालूम कि वे कहां हैं। मीडियाकर्मी भी उनके निवास पर दोपहर में पहुंचे, लेकिन वे घर पर नहीं थे। आकाश को मंगलवार को भाजपा की सदस्यता अभियान की बैठक में शामिल होना था, लेकिन वे वहां भी नहीं पहुंचे। आकाश के स्टाफ का कहना था कि वे सुबह से घर से निकल गए थे।

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