बर्ड फ्लू को फैलने के बाद आखिर क्यों पक्षियों को मारा जाता है? जानिए वजह

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महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में बर्ड फ्लू को फैलने से रोकने के लिए शनिवार को पोल्ट्री फार्म के 764 पक्षियों को मारा जाएगा। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग ने हिंगोली शहर से 50 किलोमीटर दूर स्थित पिंपरी खुर्द गांव स्थित पोल्ट्री फार्म के मृत पक्षियों के नमूने भोपाल की एक प्रयोगशाला में भेजे थे और उनमें एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि हुई है। वहीं अब सवाल उठता है कि बर्ड फ्लू में पक्षियों को क्यों मारा जाता है। आईए जानते हैं इसका जवाब।

दरअसल बर्ड फ्लू से बचने के लिए तीन चरणों में अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं। पहला फेज प्री-पैनडेमिक यानी महामारी से पहले। इसमें इंसानों को बीमार से होने बचाने के लिए सारे प्रयास किए जाते हैं। इसी में पक्षियों को मारना भी शामिल है। इसके बाद अर्ली वॉर्निंग सिस्टम को मजबूत किया जाता है। दूसरे फेज में संक्रमण के सोर्स यानी वायरस के रोकथाम की व्यवस्था की जाती है।  तीसरे फेज में महामारी घोषित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे रोकने के प्रयास किए जाते हैं बर्ड फ्लू के दौरान पक्षियों को मारना कलिंग कहलाता है। इन पक्षियों को इसलिए मारा जाता है क्योंकि ये इंसानों के खाने में उपयोग होते हैं। या फिर ऐसे पक्षियों को मारा जाता है जिनसे सीधे तौर पर इंसानों का संपर्क होता है। जैसे- कौवे, बत्तख, कबूतर आदि। ये पक्षी आमतौर पर पर्यटन स्थलों पर मिल जाते हैं। मुर्गियां आदि खाने के उपयोग में आती हैं। इसलिए इन पक्षियों में बर्ड फ्लू के लक्षण दिखने के बाद सरकार मारने के आदेश दे देती है।

16 जनवरी को 24 मुर्गियां मरी हुई पाई गई थी 
पशुपालन विभाग के अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने गांव में एक निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया है। उन्होंने बताया कि पिंपरी खुर्द में 16 जनवरी को 24 मुर्गियां मरी हुई पाई गई थी इसके बाद पांच और मुर्गियों की मौत हुई। उनके नमूनों को जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल भेजा गया था। अधिकारी ने कहा, पिंपरी खुर्द में जिन पक्षियों की मौत हुई थी, उनकी रिपोर्ट में बर्ड फ्लू संक्रमण होने की पुष्टि हुई है। हमारे सर्वेक्षण में संक्रमण प्रभावित क्षेत्र में कुल 764 पक्षी पाए गए है। उन्होंने कहा, इन पक्षियों को शनिवार को मारा जायेगा। ये सभी पोल्ट्री फार्म के पक्षी हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पिंपरी खुर्द के पास स्थित एक अन्य गांव, कृष्णपुर में नौ पक्षी बृहस्पतिवार को मृत पाए गए थे। उन्होंने बताया कि उनके नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है और रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।