बदली सूटकेस की परंपरा, वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में रखा बजट

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नई दिल्ली: केंद्र की सत्ता में दोबारा आने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार 2.0 का आज पहला बजट आने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज पहला बजट पेश करेंगी। लेकिन वित्त मंत्रालय के बाहर आज पहली बार एक अलग तस्वीर दिखने को मिली। इस बार उन्होंने एक परंपरा से अलग हटते हुए बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में न लेकर एक लाल रंग के कपड़े में रखा और उसके ऊपर अशोक चिन्ह लगा था। इस पर सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के. सुब्रमण्यन का कहना का कि वित्त मंत्री ने लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को रखा है। यह एक भारतीय परंपरा है। यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से निकलने का प्रतीक है, यह बजट नहीं है, ‘बही खाता’ है।

असल में, ब्राउन कलर की अटैची का बजट से बड़ा पुराना नाता है। यह रिश्ता 1860 से बना हुआ है। बजट फ्रांसीसी शब्द ‘बॉगेटी’ से बना है, जिसका मतलब लेदर बैग होता है। पहली बार 1860 में ब्रिटेन के ‘चांसलर ऑफ दी एक्सयचेकर चीफ’ विलियम एवर्ट ग्लैडस्टन फाइनेंशियल पेपर्स के बंडल को लेदर बैग में लेकर आए थे। ब्रिटेन की महारानी ने बजट पेश करने के लिए लेदर का यह सूटकेस खुद ग्लैगडस्टमन को दिया था। तभी से यह परंपरा चल रही है जिसे आज वित्त मंत्री सीतारमण बदलती हुई नज़र आईं

वित्त मंत्री मंत्रालय से रवाना हो गई हैं। गौरतलब है कि पूरे देश में अलग अलग तबके के लोग काफी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि ज़ोरदार बहुमत के साथ आई सरकार उनके लिए कुछ न कुछ ज़रूर लाएगी। नौकरीपेशा लोग टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। किसान, युवा, व्यापारी, सभी की नज़रे बजट पर होंगी। बजट में राजकोषीय घाटे को क़ाबू में रखने के साथ आर्थिक वृद्धि और रोज़गार बढ़ाने पर सरकार का ज़ोर रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए आयकर के मोर्चे पर टैक्स स्लैब मे बदलाव की उम्मीद भी की जा रही है।

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