EVM और VVPAT के मुद्दे पर चुनाव आयोग से विपक्ष को झटका, पहले VVPAT मिलान की मांग खारिज

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नई दिल्‍ली। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sab ha Election 2019)  के नतीजे आने से ठीक एक दिन पहले विपक्ष को तगड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने मतगणना शुरू होने से पहले वीवीपैट (VVPAT) की पर्चियों की ईवीएम (EVM) के आंकड़ों से मिलान की मांग को खारिज कर दिया है। निर्वाचन आयोग ने ईवीएम और वीवीपैट के मुद्दे पर अपनी बैठक में कहा है कि मतगणना तय नियमों के हिसाब से ही होगी। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में आयोग के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा भी मौजूद थे।

बता दें कि कल मंगलवार को कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस समेत 22 दलों ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की थी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) की अगुवाई में विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की थी कि 23 मई को मतगणना शुरू होने से पहले बिना किसी क्रम के चुने गए पोलिंग स्टेशनों की ईवीएम का वीवीपैट पर्चियों के साथ मिलान कराया जाए।

विपक्षी दलों के नेताओं ने आयोग  (Election Commission of India) से यह भी कहा था कि किसी पोलिंग बूथ में विसंगति पाए जाने की स्थिति में पूरे विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम (EVM) के आंकड़ों का VVPAT पर्चियों से मिलान कराया जाए। यही नहीं विपक्ष ने ईवीएम में टेम्परिंग की भी आशंका भी जताई थी। इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के राजबब्‍बर, गुलाम नबी आजाद, अभिषेक मनु सिंघवी, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, आप नेता अरविंद केजरीवाल, द्रमुक नेता कनिमोझी, भाकपा के डी. राजा और तृणमूल कांग्रेस के नेता शामिल थे।

उल्‍लेखनीय है कि चंद्रबाबू नायडू ईवीएम में कथित गड़बड़ी को लेकर काफी दिनों से चुनाव आयोग से शिकायत करते रहे हैं। उन्‍होंने चुनाव आयोग से लोकसभा चुनावों की मतगणना के दौरान ईवीएम के बजाय VVPAT से मतों की गिनती करने का आग्रह किया था। नायडू ने सोमवार को कहा था कि इस समय राजनीतिक पार्टियां ईवीएम की सुरक्षा में लगी हैं, क्योंकि ऐसी अफवाह है कि फ्रीक्वेंसी की मदद से ईवीएम में स्टोर डाटा बदला जा सकता है।

इस बीच, वीवीपैट के ईवीएम से 100 फीसदी मिलान की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर खारिज कर दी है। वहीं चुनाव आयोग ने यूपी के चार जिलों में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों को खारिज कर दिया है। आयोग ने विपक्ष से कहा है कि ईवीएम सुरक्षित है और वे आयोग पर विश्वास बनाए रखें। साथ ही एक केंद्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया है जहां स्ट्रांगरूम की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें की जा सकेंगी।

चुनाव आयोग ने ईवीएम सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब में मंगलवार को कहा कि गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झांसी में ईवीएम को लेकर जो विपक्ष की ओर से आरोप लगाए गए वो असल तथ्यों से परे हैं। मतदान में जिन ईवीएम का इस्तेमाल हुआ है वो पूरी तरह सुरक्षित हैं। आयोग ने बताया कि जिन ईवीएम का जिक्र विपक्ष बार बार कर रहा है असल में वो अतिरिक्त मशीने हैं, जिनका स्ट्रांग रूम में रखी मशीनों से कोई लेना देना नहीं है।

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