इस कारण से कांग्रेस को नया अध्यक्ष चुनने में हो रही देरी

0
60

नई दिल्लीः राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद अभी तक कांग्रेस को उसका नया अध्यक्ष नहीं मिल पाया है। नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए भी कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक होने में काफी दे रही है। दरअसल नेता इसी जद्दोजहद में हैं कि कौन CWC की बैठक में शामिल हो और कौन नहीं। दरअसल नए अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस का संविधान आड़े आ रहा है। कुछ नेताओं के मुताबिक जब ऊपरी स्तर पर नियुक्तियां खाली हो तब पार्टी के संविधान के मुताबिक 29 स्थाई आमंत्रित सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य और कार्य समिति के पुराने सदस्य नए अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए CWC की बैठक में शामिल नहीं हो सकते।

इनके बजाय सिर्फ 24 पूर्णकालिक सदस्य ही अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया में CWC की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सिर्फ 24 सदस्यों ने नरसिम्हा राव को कांग्रेस के नए अध्यक्ष के रूप में चुना। साल 1996 में राव के इस्तीफे के बाद जब सीताराम केसरी को चुना गया था तब यह नियम बरकरार रखा गया था। इसके बाद 1998 में सोनिया गांधी को अध्यक्ष बनाया गया। संयोग से, अधिकांश नेता जिन्होंने राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद नए अध्यक्ष के भविष्य को लेकर अपने विचार जाहिर किए हैं, उनमें से अधिकांश CWC के पूर्णकालिक सदस्य नहीं हैं।

क्या अध्यक्ष पद से हटने वाले राहुल गांधी आमंत्रित सदस्यों को CWC की विशेष बैठक में शामिल होने पर सहमति देने का अधिकार रखते हैं? के सवाल के जवाब में एक नेता ने इकोनॉमिक्स टाइम्स को जवाब दिया कि अभी तक ऐसा कुछ नहीं है। नेता ने बताया कि नए अध्यक्ष के चुनाव में हर नियम का पालन हो रह ताकि कोई भी इसे कोर्ट में चुनौती न दे सकें। पार्टी के उसका नया अध्यक्ष कब मिलेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here