करतारपुर कॉरिडोर में भारत के इस कदम पर पाकिस्तान ने जताई चिंता

0
60

लाहौर: सिख समुदाय से संबद्ध सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने करतारपुर सीमा पर भारत द्वारा अपने क्षेत्र में ‘हवाई अड्डे’ जैसे निर्माणों पर चिंता जताई है। साथ ही उनका कहना है कि इलाके में बहुत ऊंचा भारतीय ध्वज लगाने से करतारपुर साहिब गुरुद्वारे पर लगने वाले निशान साहिब (सिख ध्वज) की अहमियत कम होगी।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यकर्त्ताओं ने पाकिस्तान द्वारा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने पर सहमति जताने पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे सिख धरोहर स्थल और इसके आसपास के इलाकों की पारिस्थितिकी पर असर पड़ेगा। करतारपुर में बाबा नानक युग के समय के 100 एकड़ के इलाके के संरक्षण के लिए विश्व सिख अभियान का नेतृत्व करने वाली गुरमीत कौर ने एक बयान में कहा, पूरी दुनिया में सिख समुदाय इस आशय की रिपोर्ट से चिंतित है कि भारत द्वारा डेरा बाबा नानक में 5 अरब रुपए की लागत से हवाई अड्डे जैसा टर्मिनल बनाया जाना है। इसमें 300 फुट ऊंचा भारतीय ध्वज भी शामिल है जो कि न तो इलाके के आध्यात्मिक तत्व का प्रतिनिधित्व करता है न ही गुरु के दौर की वास्तुकला की विरासत का।

बयान में गुरमीत कौर ने कहा है कि माना जा रहा है कि भारतीय ध्वज, करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में लगने वाले निशान साहिब से ऊंचा होगा और अगर ऐसा है तो इससे अहंकार की बू आ रही है न कि महान गुरु के सम्मान की। उन्होंने कहा कि इसने पाकिस्तान को दुविधा में डाल दिया है कि अगर वह भी निशान साहिब से ऊंचा झंडा लगाए तो यह सिखों की नजर में गलत होगा और अगर छोटा लगाए तो उसे भारत के सामने नीचा देखना पड़ेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here